Sunday, March 7, 2010

नारी दीन और भारत

भारत देश । कहनेको एक महान देश और है भी । ये में भी मनाता हू । लेकिन एक देश जहा हर बाते एक अहंकार से शुरू होती है । और अहंकार की वजह से उन बातो का अंत आने की जगह बढती रहती है । अहंकार हर उस सख्स का । जो ये समजता है । के वही सब कुछ है और वो नहीं तो दुनिया नहीं है । वो चाहे छोटे पैमाने पे हो या बड़े पैमाने पे । वेसे लोग आप को हर गली हर मोहल्ले हर राज्य और हर देश में मिल जायेंगे ।
और देशो की बात न करते हुए हम हमारे अपने देश की बात करेंगे ।
भारत देश हजारो सालो की परंपरा । इन हजारो सालो में भी हमने यही देखा है । के औरत पूजनीय है ।
और हम मान ते भी आ रहे है । हिन्दू धर्म में । सब से ज्यादा लोग माताजी ( देवी माँ ) को मानते है । सर्व शक्ति मान वो है । ये सब मानते है पुरानो में भी लिखा है मतलब ये पिछले दो या पञ्च हजार साल पहले की बाते है ।
इतिहास भी गवाह रहा है । के हर बड़ी बातो के पीछे कोई न कोई औरत का हाथ है।
सफलता के पीछे भी । और नुकशान के पीछे भी ।
अगर एक सफल समाज की कल्पना भी करनी हो तो औरत के बगेर मुंकिन है ही नहीं
हम मर्द कितना भी कह ले या समजे अपने को महान लेकिन हम भी जानते है । सच्चाई क्या है
कभी एक अकेले रहने वाले इंसान का घर जाके देख लेना समाज में आ जायेगा ।
हाँ हम काम कर लेते है । खाना बना लेते है ( अगर अकेले पड़े तो ) लेकिन ये सब कर के हम जताएंगे के ये किया है
बहोत कुछ लिख सकते है । लेकिन यहाँ लिखना है । नारी दीन के लिए । आज नारी दिवस है ।
उसके लिए हर नारी को । शुभकामनाओ से ज्यादा धन्यवाद् कह ना चाहूँगा । इस जहाँ को इतना खूबसूरत बनाने के लिए .और ये कह न भी चाहूँगा आप हो तो ये जहाँ रहने लायक है । हर बाते जो जीवन में है । आप लोगो के बलिदान । या योगदान से । उन सब बातो के लिए धन्यवाद् ।
अब वो बात । जिस के लिए में ये लिख रहा हू । महिला अनामत । और अहंकारी लोग मतलब अपने राजनेता इतने सालो से ये । बिल पास नहीं हो रहा है । उसके पीछे इनकी संकुचित मानसिकता से ज्यादा .इनका अहंकार है । एक भी राजनेतिक पार्टी ऐसे नहीं देखि जिस में ५० % महिला हर मीटिंग में हाजिर हो उन्हें वहीँ बुलाया जाता है । जहा भीड़ की जरूरत हो । और उसके पीछे भी सालो से पुरुष प्रधान मान्यता चली आ रही है वो है । हमारे देश के लोग भी उस मानसिकता से बहार आना नहीं चाहते । और आज अगर ये बिल पास न हो तो उसके पीछे भी । कुछ राज नेता ओ का अहंकार ही होगा । न की उनकी मानसिकता ।
हाँ मानसिकता देख नि है तो भारत देश के नागरिक की । हम भी बदलाव नहीं चाहते ।
अगर ५० % औरत कही पे भी होगी उस खेस्त्र का विकास अभूतपूर्व होगा ये बात में दावे के साथ कह सकता हूँ । ये सिर्फ राज कारन की बात नहीं है । और ये आरक्षण सिर्फ .औरत के लिए होना चाहिए न की जाती ,धर्म,
या आर्थिक तर्ज पर वर्ना फिर जिस मकसद से ये किया जायेगा वो रहेगा ही नहीं ।
और वो मकसद है विकास ।
क्यों की सब जानते है । पिछड़े वर्ग को आरक्षण देने से उनका तो भला नहीं हुआ लेकिन कुछ ऐसे लोगो ने उसका फायदा उठाया । जो पहले से समृद्ध है । तो अगर सही बदलाव लाना है तो अब सिर्फ ५० % महिला आरक्षण वो भी कापबले है वो । नहीं की राबड़ी देवी या लालू की तर्ज पर
तभी सही विकास मुंकिन है ।
दोस्तों । सलाम उन सब महिला ओ को इस दुनिया में । सच्ची में सब महिला ओ को इस जहा में सलाम ।
और धन्यवाद। भगवान् आप को और शक्ति दे । और आप ये जहा और हसीं बनाए ।

लेखक।
शरद आचार्य